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बढ़ती कुत्ता पॅापुलेशन फैलानी लगी आतंक का भौंकाल

वफ़ादारी एक ऐसा दुर्लभ गुण है जो लगता है यदि किसी में है तो वो कुत्ते में ही है| वाकी में तो ये आनी-जानी माया सरीखा है| यही वजह है कि लोग कुत्तों को इंसानों से ज्यादा प्यार करते हैं| भरोसा करते हैं| उन्हें पालने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते हैं| शहरों में तो घरों में अधिकतर कुत्ते पाले जाते हैं| और दूसरे जानवर नहीं| बिल्ली, गाय और दूसरे जानवर बेहद कम घरों में पाले जाते हैं| कुत्ता प्रेम के चलते कुत्तों की आबादी दिन-दूनी रात-चौगुनी बढ़ रही है| गाँव में, शहर की गलियों में इस कदर कुत्ते बढ़ गए हैं कि कहीं ये इलाके कुत्तों के इलाके ही बनकर न रह जाएँ|

 

कुल मिलाकर कुत्ता-पालन की अति हो चुकी है| सोशल मीडिया पर देखो कुत्तों के बेशुमार वीडियोज मिल जाते हैं| लोग इंसान को हर्ट करने में संकोच नहीं करते मगर अपने कुत्ते को हर्ट नहीं कर सकते| मैंने ऐसे लोगों को देखा है जो रिश्तेदारों से कहीं ज्यादा ध्यान अपने कुत्ते का रखते हैं| सारी दयानतदारी, मानवता, उदारता कुत्तों पर न्योछावर कर देते हैं| जहाँ घर-घर में गाय पाली जानी चाहिए थी वहां कुत्ते और उनके पिल्ले जमकर पाले जा रहे हैं| इनकी आबादी बढ़ने की वजह यही है कि इन्हें दाना-पानी बड़ी आसानी से मिलता रहता है|

एक आंकड़े के अनुसार दुनियां में आजकल कुत्तों की जनसँख्या कई देशों से भी ज्यादा है| यानी कुत्तों की संख्या 1 अरब से भी ज्यादा पहुँच चुकी है| और पता नहीं बाहुबली के रिकॉर्ड की तरह बढ़ती जायेगी| सबसे ज्यादा कुत्ते विकासशील देशों में मिलते हैं| कुत्ते इन्सान पर ही निर्भर हैं| लोगों से मिलने वाले खाने-पीने के कारण इनकी पॉपुलेशन आतंकवादियों की तरह बढ़ती जा रही है| कुत्ता प्रेमियों का सोचना है| कुत्तों के होने से वो सुरक्षित रहते हैं| और वाकी उन्हें किसी की जरूरत ही नहीं है| कुत्तों के होने से उन्हें लगता है बहुत बड़ी आबादी खुद को सुरक्षित महसूस करती है| और अकेले रहने वाले लोग खुद को अकेला नहीं समझते हैं| व तमाम मानसिक बीमारियों से दूर रहते हैं| उन्हें प्रेम करने की सह्रदयता भी कुत्तों से सीखने को मिलती है|

लेकिन अब हालात गंभीर हो चले हैं| तो कुत्ता प्रेम कुछ कम करने की जरूरत है| आदमी से ज्यादा कुत्तों पर ध्यान देने की परिभाषा बदलने का अब वक़्त आ गया है| वफादारी वाले गुणों से सुसज्जित बाहुबली का कटप्पा को दुष्ट विलेन पूरी फिल्म में कुत्ता कहकर व्यंग्य करते नजर आये| जिससे पता नहीं कट्प्पा का कद नीचा हुआ या फिर कुत्तों का कद ऊँचा हुआ समझना मुश्किल था| जीव विज्ञानी अब कह रहे हैं कि यदि कुत्तों की आबादी को बढ़ने से नहीं रोका गया तो अनर्थ हो जायेगा| ये खूंखार होते हैं| काबू से बाहर हो रहे हैं| कुत्ते दूसरे जानवरों के साथ-साथ इंसानों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं|

दुनिया के जीवों की 188 प्रजातियों के लिए कुत्ते दुश्मन नंबर वन हो गए हैं| जल्द ही कुछ न किया गया तो ये कुत्ते इन 188 प्रजातियों का समूल नाश करके जैव विविधता का पर्यावरणीय संतुलन बिगाड़ देंगे| इंटरनेशनल वाइल्ड लाइफ साइंटिस्ट की टीम के अनुसार कुत्तों के कारण भारत के नॉर्थ ईस्ट के हॉग डियर, ओडिशा तट में ओलिव रिडले कछुओं, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड निकोबार में पेड़ों पर रह रहे छछून्दरों की प्रजाति पर कुत्ते सबसे बड़ा खतरा साबित हो रहे हैं| यहाँ तक कि गिध्द भी कुत्तों के द्वारा मारे जा रहे हैं| जीव विज्ञानी कह रहे हैं कि दुनिया भर की रीढ़धारी 11 प्रजातियाँ पूरी तरह से विलुप्त हो चुकी हैं|

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