Sports

जानें, क्या वजह रहीं धोनी के यूं अचानक कप्तानी छोड़ने की

 

भारत के सबसे सफल कप्तान के रूप महेंद्र सिंह धोनी ने इतिहास के पन्नो में अपना नाम दर्ज करवा लिया हैं । अब वे भूत पूर्व कप्तान कहलायेंगे । सबसे सफल कप्तानों की श्रेणी में शुमार रहे धोनी ने टी 20 और एक दिवसीय मैचों की कप्तानी छोड़ दी है । विराट कोहली आगे की कप्तानी संभालने के प्रबल दावेदार होंगे महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी छोड़ने से बहुत से लोग हैरान भी हैं । तो अधिकतर लोग विराट कोहली को सभी फार्मेट में कप्तानी बनाए जाने के प्रबल समर्थक हैं । क्योंकि इन दिनों विराट कोहली अपने बल्ले से व कप्तानी से नये विस्फोट कर रहे हैं और नए नए रिकॉर्ड खड़े कर रहे हैं । जिसका जबर्दस्त दवाब धोनी और बीसीसीआई पर पड़ने लगा । धोनी ने यह फैसला सही वक्त पर लिया है ।

वरना यदि उन्हें कप्तानी से हटाया जाता तो उनकी छवि पर गहरा आघात लगता कुछ समय से धोनी तमाम प्रयास करके अपना व टीम को सफलता दिलाने के लिए जूझते नजर आ रहे थे, यहां तक कि वे अपनी बेस्ट फिनिशर की भूमिका में भी लगातार असफल हो रहे थे।  

टीम का मनोबल कभी अर्श पर तो कभी फर्श पर दिखाई देता था, टीम जीते हुए मैच हारने लगी थी क्योंकि धोनी जिस स्थान पर भी आकर अपनी भूमिका को अंजाम देना चाहते थे।  वहां वे पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रहे थे। मानव समय और सफलता दोनों ही धोनी से रुठ गए हालांकि हर मैच को दुनिया का कोई भी कप्तान नहीं जीत सकता मगर धोनी में जीतने की स्प्रिट दिखाई नहीं दे रही थी।  जैसे कि विराट कोहली में दिखाई देती है, धोनी मायूस हो रहे थे और मायूस कर रहे थे। 

धोनी की काबिलियत पर किसी को भी संदेह नहीं है, मगर भारत के क्रिकेट प्रेमियों का दबाव हमेशा ही कप्तान और टीम पर बना रहता है। वैसे भी प्रकृति के अपने नियम सभी पर काम करते हैं। जो ऊंचाइयों पर होता है, उसे नीचे भी आना पड़ता है। भले ही वह कितना भी प्रतिभाशाली क्यों ना हो प्रकृति के रंग हमेशा ही सक्रिय रहते हैं जिससे हर देश, काल, व्यक्ति को गुजरना पड़ता है। भारतीय टीम को जीतने की आदत डालना महेंद्र सिंह धोनी ने ही सिखाया था, लेकिन उसे लगातार बनाए रखना और लंबे समय तक टॉप पर बनाए रखने के लिए विराट जैसे जुझारूपन की जरूरत है।

कप्तान और खिलाड़ी के रूप में धोनी फ्लॉप हो रहे थे, तो विराट कोहली अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत सभी का दिल जीत रहे थे। इसलिए धोनी पर गहरा दबाव प्रतिदिन पड़ रहा था, काफी सोच समझकर कप्तानी छोड़ने के निर्णय से धोनी की साख हमेशा के लिए बनी रहेगी। 2015 में खेले गए वर्ल्ड कप में भारत का प्रदर्शन औसत रहा था और भारत सेमीफाइनल से आगे नहीं जा पाया।

Pages: 1 2

Loading...
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top